बिलासपुर उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण (तार्किककरण) नीति से संबंधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को शिक्षिका की पसंद के स्कूल में ही नई पोस्टिंग देने का निर्देश दिया है। माननीय हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया और नए पदस्थापना आदेश को आगामी 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करे। इस फैसले से उन शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो युक्तियुक्तकरण नीति के तहत दूरदराज के क्षेत्रों में ट्रांसफर किए जाने से परेशान थीं। अदालत का यह कड़ा रुख शिक्षा विभाग में नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन और शिक्षकों के हितों की रक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने साफ किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पीड़ित पक्ष की समस्या का उचित समाधान किया जाना चाहिए। इस न्यायिक आदेश के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तय समय के भीतर ही पूरी कागजी और प्रशासनिक कार्रवाई पूरी करनी होगी। विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में अब जल्द ही आवश्यक कदम उठाने होंगे ताकि कोर्ट की अवमानना की स्थिति निर्मित न हो। अदालत के इस आदेश की प्रति संबंधित विभाग और याचिकाकर्ता को भेज दी गई है ताकि त्वरित गति से क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
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