मूडीज के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क ज़ांडी ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के पास ईरान के साथ शांति समझौता करने के लिए केवल एक सप्ताह का समय है। यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी में जा सकती है। वार्ता रुकने और बढ़ती तेल कीमतों के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था संकट के कगार पर पहुंच गई है। यदि गैसोलीन की कीमत पांच डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई तो उपभोक्ता खर्च में भारी गिरावट आ सकती है। ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास समाधान खोजने का समय तेजी से कम होता जा रहा है। कूटनीतिक प्रयासों में ठहराव से पहले से ही नाजुक अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ रहा है। तेल की बढ़ती कीमतों से मुद्रास्फीति और बेरोजगारी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ज़ांडी का यह बयान वैश्विक बाजारों में घबराहट पैदा कर सकता है। अमेरिका को अब तय करना है कि वह कूटनीति का रास्ता अपनाए या आर्थिक संकट का सामना करे।
Source: Source