सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणामों का दबाव झेल रहे छात्रों के लिए उद्यमी अंकुर वारिकू का पुराना पोस्ट फिर से वायरल हो गया है। उन्होंने अपनी मार्कशीट साझा की जिसमें अंग्रेजी में 57 और केमिस्ट्री में 93 नंबर थे। वारिकू का संदेश था कि एक मार्कशीट किसी की सफलता या संभावना को परिभाषित नहीं करती। उन्होंने बताया कि कम नंबरों के बावजूद उन्हें शीर्ष कंपनियों से निमंत्रण मिलते रहे। उन्होंने छात्रों को बाहरी तुलनाओं के बजाय व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। यह पोस्ट परीक्षा के तनाव में छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बन गया है। उनका तर्क है कि असफलताएं और कम अंक जीवन की कहानी का अंत नहीं होते। यह मामला शिक्षा प्रणाली में अंकों की अहमियत पर भी सवाल उठाता है। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को खूब सराहा जा रहा है।
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