होर्मुज स्ट्रेट के संभावित बंद होने और ईरान-अमेरिका संघर्ष के बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट के संकेत मिल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के भंडार तेजी से घटने की चेतावनी दी जा रही है। जेपी मॉर्गन, शेवरॉन और अन्य प्रमुख ऊर्जा कंपनियों ने आशंका जताई है कि जून और जुलाई के दौरान तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन में बाधा आने पर वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। इस स्थिति का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार अगर तनाव लंबा चला तो कई देशों में ईंधन की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। बाजार में पहले से ही अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। सरकारें वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर विचार कर रही हैं।
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