दुर्ग जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार युवती के शरीर में हीमोग्लोबिन मात्र 5 ग्राम रह गया था। उसकी हालत बेहद गंभीर थी और उसे तत्काल खून चढ़ाने की आवश्यकता थी। परिवार का आरोप है कि वे लगातार ब्लड बैंक से मदद की गुहार लगाते रहे। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने एक यूनिट खून उपलब्ध नहीं कराया। समय पर रक्त न मिलने से युवती की स्थिति और बिगड़ती गई। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर नाराजगी है। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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