इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ साइबर सेल की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें फटकार लगाई है। मामला एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, जिसमें पति की कथित झूठी शिकायत के आधार पर महिला का मोबाइल नंबर बंद कर दिया गया था। अदालत ने कहा कि बिना उचित जांच और सोच-विचार के इस तरह की स्वचालित कार्रवाई गंभीर समस्या पैदा करती है। न्यायाधीशों ने इसे राज्य संसाधनों के दुरुपयोग के रूप में देखा। कोर्ट ने अधिकारियों की जल्दबाजी और प्रक्रियागत लापरवाही पर सवाल उठाए। मामले में साइबर सेल द्वारा अपनाई गई कार्रवाई को अनुचित बताया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और संवेदनशील जांच आवश्यक है। यह निर्णय नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले ने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बहस छेड़ दी है। आगे की सुनवाई में विस्तृत निर्देश जारी किए जा सकते हैं। यह घटना डिजिटल अधिकारों और शिकायत निपटान प्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
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