रायपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ ने अंगदान और देहदान के क्षेत्र में मानवता की मिसाल पेश की है। इस परियोजना का उद्देश्य लोगों को मृत्यु के बाद अंगदान और शरीर दान के लिए प्रेरित करना है। प्रोजेक्ट दधीचि के तहत जागरूकता अभियान चलाकर हजारों लोगों को इस महादान के लिए तैयार किया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए राज्यपाल ने रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और प्रमुख दानदाताओं को सम्मानित किया। यह परियोजना समाज में अंगदान को एक सामान्य और पुण्य का कार्य बनाने में सफल रही है। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने अस्पतालों, कॉलेजों और गांवों में जागरूकता शिविर लगाए। डॉ. गौरव सिंह ने खुद भी अपने अंगदान की प्रतिज्ञा कर उदाहरण पेश किया। इस अभियान से अब तक सैकड़ों लोगों ने अंगदान पंजीकरण कराया है। देहदान से मेडिकल छात्रों को शोध और अध्ययन में मदद मिलती है। अंगदान से कई बीमार लोगों को नया जीवन मिल सकता है। राज्यपाल ने कहा कि प्रोजेक्ट दधीचि पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श है। उन्होंने अन्य जिलों से भी इस मॉडल को अपनाने का आह्वान किया। सम्मान समारोह में कई डॉक्टरों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी भाग लिया। यह परियोजना अंगदान और देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में बड़ा कदम है।
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