अंबिकापुर में नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोपी सीतापुर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीति गर्मा गई है। राजस्व अधिकारी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। विधायक शुक्रवार शाम आईजी कार्यालय में सरेंडर करने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही समर्थकों ने उन्हें रोक लिया और वह वापस लौट गए। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इस पूरे घटनाक्रम को ड्रामेबाजी करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में विधायक सरेंडर करना चाहते तो थाना उनके बगल में है, सीधे वहां चले जाते। भगत ने आरोप लगाया कि विधायक जनता का ध्यान भटकाने के लिए नाटक कर रहे हैं। इस बीच पुलिस ने विधायक को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि जब तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल मामले में तनाव बना हुआ है।
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