प्रसिद्ध उद्यम पूंजीपति मार्क एंड्रिसन का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोडिंग एजेंट इंसानी डेवलपर्स से कई मामलों में बेहतर हैं। उनका तर्क है कि AI बॉट को ‘बीमारी की छुट्टी’ या ‘एचआर कंप्लेंट’ जैसी समस्याएं नहीं होतीं। ये बॉट 24×7 बिना थके काम कर सकते हैं, जिससे परियोजनाओं का विकास निरंतर चलता रहता है। एंड्रिसन बताते हैं कि आज के शीर्ष टेक फाउंडर एक साथ लगभग 20 AI एजेंट्स का प्रबंधन कर रहे हैं। इन एजेंट्स की देखरेख के लिए न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, AI एजेंट न सिर्फ कोडिंग बल्कि जल्द ही हर पेशे पर असर डालेंगे। यह बदलाव कार्य संस्कृति और उत्पादकता को पूरी तरह से बदल सकता है। एंड्रिसन की यह टिप्पणी AI क्रांति की चर्चाओं को और गर्म कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इंसानों को AI के साथ प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग करना सीखना होगा। तकनीकी दिग्गजों के बीच AI एजेंट्स को अपनाने की होड़ पहले ही शुरू हो चुकी है। एंड्रिसन का मानना है कि भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कितने AI एजेंट्स को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ AI के अत्यधिक इस्तेमाल से नैतिक और सुरक्षा चिंताएं भी उठा रहे हैं। फिलहाल, AI कोडिंग एजेंट्स स्टार्टअप्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। एंड्रिसन का दावा है कि आने वाले पांच साल में हर कंपनी के पास AI ‘डिजिटल कर्मचारी’ होंगे।
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