661 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक घोटाले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में IAS अधिकारी आर.के. सिंह और सुपरिटेंडेंट प्रिंस को जेल भेज दिया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं और कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच की जा रही है। मामले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच एजेंसियां धन के लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं। कई अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। आरोप है कि बैंकिंग प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। अदालत में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है। इस प्रकरण को हाल के बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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