भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित सी किंग 42B हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन 55 वर्षों की शानदार सेवा के बाद अब रिटायर हो गया है। इस स्क्वाड्रन को अत्याधुनिक टारपीडो, डेप्थ चार्ज और मिसाइलों से लैस किया गया था। नौसेना ने इन हेलीकॉप्टरों का उपयोग मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध, जहाज रोधी अभियानों और खोज एवं बचाव कार्यों के लिए किया। आईएनएएस 330 (INAS 330) को 17 अप्रैल 1971 को कोच्चि के आईएनएस गरुड़ में कमीशन किया गया था। इस स्क्वाड्रन की कमान पहले कमांडर एमपी वधावन ने संभाली थी। यह भारतीय नौसेना के सबसे विशिष्ट और सम्मानित स्क्वाड्रनों में से एक रहा है। इसने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान व्यापक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दशकों तक समुद्र में निगरानी रखने के बाद अब इसे सेवामुक्त कर दिया गया है। इसने अपनी सेवा अवधि के दौरान कई बड़े अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह स्क्वाड्रन हमेशा अपनी वीरता और अचूक मारक क्षमता के लिए याद किया जाएगा। भारतीय समुद्री सुरक्षा के इतिहास में इसका योगदान सदैव स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा।
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