महाराष्ट्र में विकसित हो रहे वधवन पोर्ट के लिए 5,301 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल ब्रेकवॉटर निर्माण परियोजना को मंजूरी मिली है। इस महत्वपूर्ण समुद्री संरचना के निर्माण का जिम्मा अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को सौंपा गया है। प्रस्तावित ब्रेकवॉटर की लंबाई 10.14 किलोमीटर होगी, जो दुनिया के सबसे लंबे ब्रेकवॉटर में शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य गहरे समुद्री बंदरगाह को ऊंची लहरों और प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों से सुरक्षा प्रदान करना है। वधवन पोर्ट को भारत के सबसे महत्वाकांक्षी बंदरगाह परियोजनाओं में गिना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद यह दुनिया के प्रमुख कंटेनर बंदरगाहों में शामिल हो सकता है। बंदरगाह की प्रस्तावित क्षमता 23.2 मिलियन टीईयू (कंटेनर इकाई) तक होगी। इससे भारत की समुद्री व्यापार क्षमता और वैश्विक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में भागीदारी मजबूत होने की उम्मीद है। परियोजना से आयात-निर्यात गतिविधियों को गति मिलेगी और व्यापारिक लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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