यमुनानगर पुलिस ने यूपी-हरियाणा के कलानौर बॉर्डर पर कार्रवाई करते हुए ऑल्टो कार में सवार दो युवकों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3600 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल पाए गए हैं, जिन्हें वे सप्लाई करने के लिए लेकर जा रहे थे। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने कैप्सूल सप्लाई करने वाले मेडिकल स्टोर संचालक और इन्हें खरीदने वाले एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है। सरकार द्वारा प्रतिबंधित है दवाईयां डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल प्रभारी अनिल कुमार की टीम को सूचना मिली थी कि दो युवक उत्तर प्रदेश से प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल लेकर यमुनानगर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर टीम ने कलानौर बॉर्डर पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक ऑल्टो कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से 3600 प्रतिबंधित ट्रामाडोल सस्पास मोर कैप्सूल बरामद हुए। बरामद कैप्सूलों की बाजार कीमत करीब 45 हजार रुपये बताई गई है। इन दवाओं पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस ने मौके से गांव टेही जाट्टान निवासी सूरजभान उर्फ सूरज और रोहित उर्फ टिड्डा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ थाना सदर यमुनानगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में खुला सप्लायर का नाम रिमांड के दौरान पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे यह प्रतिबंधित कैप्सूल चिलकाना निवासी अनस मलिक से खरीदकर लाते थे। अनस मलिक का यूपी के चिलकाना में मदीना मेडिकल स्टोर है और वह डी-फार्मा भी है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अनस मलिक को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी यह नशीले कैप्सूल यमुनानगर की प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सर्वजीत को सप्लाई करने जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सर्वजीत को भी गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशीले कैप्सूलों का नेटवर्क कितना बड़ा है और इससे जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका है। जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
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