3.80 करोड़ रुपये के नकली नोट तस्करी मामले में एनआईए कोर्ट बिलासपुर ने आरोपी डोमेन्द्र महिपाल को बरी कर दिया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ दिया। अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा। सुनवाई के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत नहीं किए जा सके। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों को दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना। इसके बाद आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया। फैसले के बाद आरोपी जेल से रिहा हो गया। यह मामला 3.80 करोड़ रुपये के नकली नोटों की कथित तस्करी से जुड़ा था। अदालत ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन को आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। इस फैसले ने मामले की जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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