मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को करूर भगदड़ की दुखद घटना के पीड़ितों के परिजनों को अस्थायी आधार पर सरकारी नौकरी देने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ये नियुक्तियां न्यायिक समीक्षा और भविष्य के दिशानिर्देशों के अधीन रहेंगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से अनुकंपा के आधार पर दी जाने वाली इन नियुक्तियों के लिए अपनाए गए मानदंडों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, एक जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से इन सरकारी नौकरियों के संवैधानिक आधार पर सवाल उठाए गए थे, जिसके जवाब में अब राज्य सरकार को अपनी नियुक्ति नीति अदालत के समक्ष पेश करनी होगी। यह कदम पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने और कानूनी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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