महाराष्ट्र के मंत्री और NCP नेता छगन भुजबल को 2015 के कलिना जमीन घोटाला मामले में आधिकारिक तौर पर आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। यह मामला जमीन के कथित अनुचित आवंटन से जुड़ा था। संबंधित जमीन पर एक पुस्तकालय के लिए योजना बनाए जाने की बात सामने आई थी। मामले में कथित अनियमितताओं के कारण राज्य को वित्तीय नुकसान होने का आरोप था। भुजबल को इससे जुड़े अन्य मामलों में भी पहले राहत मिल चुकी है। उन मामलों में कथित रिश्वत और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप शामिल थे। कलिना मामले में भी जमीन आवंटन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब अदालत के फैसले के बाद भुजबल को इस मामले से राहत मिली है। मामले में लगाए गए आरोपों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह निर्णय सामने आया। भुजबल के खिलाफ दर्ज मामले में अब उनकी स्थिति बदल गई है।
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