वर्ष 2006 में आयरलैंड के काउंटी टिपरेरी में एक नियमित कार्य के दौरान अद्भुत रूप से संरक्षित फादन मोर साल्टर (Faddan More Psalter) नामक 800 ईसवी की लैटिन स्तोत्र पुस्तक मिली थी। यह खोज उन पुरातात्त्विक सिद्धांतों को चुनौती देती है जो दलदली परिस्थितियों में चमड़े (वेल्लम) के जीवित रहने को दुर्लभ मानते थे। इस पुस्तक के चमड़े के आवरण में पपीरस के निशान पाए गए, जो यह साबित करते हैं कि प्रारंभिक आयरिश भिक्षुओं का भूमध्यसागरीय क्षेत्र के साथ व्यापारिक या सांस्कृतिक संपर्क था। यह पुस्तक अपने आप में 1,200 साल पुरानी है और स्तोत्रों का एक संग्रह है। इसकी अच्छी हालत ने शोधकर्ताओं को चकित कर दिया। यह खोज यूरोपीय प्रारंभिक मध्ययुगीन काल में अंतर-महाद्वीपीय आदान-प्रदान का दुर्लभ प्रमाण है। अब यह साल्टर डबलिन के नेशनल म्यूजियम ऑफ आयरलैंड में रखा गया है।
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