भारत में मई 2026 के महीने में बिजली की खपत पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत बढ़ गई, जिसका मुख्य कारण भीषण हीटवेव और एसी (एयर कंडीशनर) का बढ़ता उपयोग था। 21 मई को बिजली की अधिकतम माँग 270.8 गीगावॉट (GW) पर पहुँच गई, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है। इसके बाद माँग में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन एल नीनो के प्रभाव के कारण जून में भी बिजली की अत्यधिक खपत जारी रहने का अनुमान है। बिजली मंत्रालय ने सभी राज्यों से बिजली संकट से निपटने के लिए पीक आवर्स में उद्योगों को शिफ्ट करने की अपील की है। इस वृद्धि का असर कोयला आपूर्ति और उत्पादन पर भी पड़ा है, क्योंकि बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा कोयले पर निर्भर है। उत्तर और मध्य भारत में सबसे अधिक बिजली की खपत दर्ज की गई। सरकार ने बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयला स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह स्थिति एक बार फिर भारत में एनर्जी ट्रांजिशन और नवीकरणीय ऊर्जा की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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