ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे समझौते पर उस समय संकट के बादल गहराने लगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार दो रात सैन्य टकराव की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त रुख अपनाते हुए अपनी गतिविधियां और तेज कर दी हैं। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में हुए तनाव का असर ईरान के बाजारों पर भी देखा गया है, जहां नकारात्मक प्रतिक्रिया दर्ज की गई। निवेशकों और व्यापारिक वर्ग में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। रणनीतिक रूप से अहम इस जलमार्ग में स्थिति लगातार अस्थिर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला पर भी संभावित असर की आशंका जताई जा रही है। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। मौजूदा हालात ने अमेरिका-ईरान समझौते की व्यवहारिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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