होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और व्यापार गुजरता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह केवल तेल का मामला नहीं है। यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून से भी जुड़ा हुआ विषय है। इसके साथ ही वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठते हैं। यदि इस मार्ग पर किसी एक देश का नियंत्रण होता है तो कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ने का खतरा रहता है। ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। इस विवाद पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है। कई देश इसे रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील मानते हैं। आगे की कूटनीतिक बातचीत पर समाधान की उम्मीद टिकी हुई है।
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