हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों की घोषणा के बाद सूबे की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा ने कांग्रेस नीत राज्य सरकार पर लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने चुनावी आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद लोकलुभावन फैसले लिए हैं। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया को अनुचित रूप से प्रभावित करने और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग बताया है। भाजपा ने 22 मई की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों पर तीखा ऐतराज जताया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने सुनियोजित रणनीति के तहत ऐन चुनावों के बीच लोकलुभावन निर्णय लिए हैं। भाजपा ने ₹1500 इंदिरा गांधी प्यारी बहना योजना, बंपर भर्तियां, भत्ते और सेवानिवृत्ति में वृद्धि के फैसलों पर आपत्ति जताई है। पार्टी ने राज्यपाल से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि प्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर होने से बचाया जा सके और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सकें।
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