बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में पोलिंग बूथ में घुसकर तोड़फोड़ करने और चुनाव सामग्री लूटने के प्रयास के मामले में आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कृत्य लोकतंत्र की प्रक्रिया पर गंभीर प्रहार हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ सबूत मौजूद पाए। प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई को सही ठहराया गया। कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए। इस फैसले से चुनाव आयोग और प्रशासन को मजबूती मिली है। अब आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। यह फैसला भविष्य में चुनावी हिंसा रोकने में मददगार साबित होगा।
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