स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के CEO बिल विंटर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव पर दिए गए बयान के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने AI के कारण कुछ नौकरियों को “लोअर-वैल्यू ह्यूमन कैपिटल” से बदलने जैसी टिप्पणी की थी, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। बैंक की योजना के तहत 2030 तक लगभग 7000 नौकरियों में कटौती की जाएगी, जिसमें सपोर्ट स्टाफ के 15% से अधिक कर्मचारी प्रभावित होंगे। इस बयान के बाद कई लोगों ने भाषा और दृष्टिकोण पर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने पर CEO ने अपने शब्दों के चयन के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कर्मचारियों के मूल्य को कम आंकना नहीं था। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों के रीस्किलिंग और पुनर्नियोजन (reskilling and repositioning) पर जोर देने की बात कही। बैंक ने स्पष्ट किया कि AI और तकनीकी बदलावों के साथ कार्यबल संरचना में परिवर्तन जरूरी है। यह कदम वैश्विक बैंकिंग सेक्टर में ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के प्रभाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI के कारण नौकरी संरचना में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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