सुजानपुर के गांव बहेड़िया में नहर का किनारा फिर से धंस गया, जिससे ग्रामीणों में चिंता और रोष व्याप्त है। कुछ महीने पहले भीषण बाढ़ के दौरान इसी नहर के टूटने से पूरे क्षेत्र में तबाही हुई थी और लाखों का नुकसान हुआ था। उस आपदा के बाद सिंचाई विभाग ने मरम्मत तो करवाई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य घटिया और जल्दबाजी में किया गया। निवासियों का कहना है कि नहर पर केवल दो इंच मोटे स्लैब डाले गए हैं, जो पानी का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं। यह हिस्सा अब तक दो-तीन बार धंस चुका है और मंगलवार को फिर से धंसाव हो गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि बार-बार पैचवर्क की बजाय नहर को भूमिगत किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पिछली बाढ़ में सरकार ने मात्र 40 हजार रुपये का मुआवजा दिया था। लोगों को डर है कि अगर यह धंसाव रात में हुआ होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। क्षेत्र के किसानों की फसलें इसी नहर के पानी पर निर्भर हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ ने कहा कि मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और टीम की देखरेख में पुख्ता निर्माण किया जाएगा।
Source: Source