भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय और एसईसीआई इंडिया के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत पंजाब में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अमृतसर के गांव कथुनांगल और तरनतारन के गांव नागोके में नशा मुक्ति जागरूकता कैंप लगाए गए। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य युवाओं और ग्रामीणों को ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना था। संस्था की पंजाब चेयरपर्सन रेनू अरोड़ा ने बताया कि पूरे देश की तरह पंजाब में भी यह अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और लोग लगातार इससे जुड़ रहे हैं। शिविरों में सत करतार आयुर्वेदिक मेडिसिन की ओर से जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं। कथुनांगल से रशपाल सिंह सिद्धू और नागोके से सरपंच संदीप खैरा, कुलदीप सिंह, सुखदीप सिंह और हर्षदीप सिंह ने इन आयोजनों में विशेष सहयोग दिया। ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर इस मुहिम का समर्थन किया और नशे के खिलाफ आवाज उठाई। यह अभियान युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने में सफल रहा। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाते रहने की बात कही है।
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