छत्तीसगढ़ सरकार ने सीवर और सैप्टिक टैंक की सफाई में होने वाले हादसों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने निगम कमिश्नरों और सीएमओ को व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर दी है। असुरक्षित सफाई से मौत होने पर अफसरों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई होगी। केंद्र की ‘नमस्ते’ योजना के तहत सभी सफाई कर्मियों का डिजिटल डेटाबेस बनेगा और हर तीन महीने में प्रोफाइल अपडेट करना अनिवार्य होगा। सभी पंजीकृत सफाई मित्रों को पीपीई किट (हेलमेट, दस्ताने, मास्क, सुरक्षा सूट) देना अनिवार्य किया गया है। पीपीई किट का उपयोग न करना गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा। हर जिले में आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाई (ईआरएसयू) स्थापित की जा रही है। किसी भी अपंजीकृत व्यक्ति से सफाई कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सीवर में मानव प्रवेश पर प्रतिबंध है; बेहद जरूरी होने पर सीएमओ से लिखित अनुमति लेनी होगी। नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। सोसायटियों और बिल्डरों को चेतावनी दी गई है कि गैर-पंजीकृत श्रमिक रखने पर जेल हो सकती है। हर महीने की 10 तारीख को मासिक सुरक्षा अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट में श्रमिक सर्वेक्षण, हादसे, लापरवाही और एफआईआर का ब्यौरा होगा। अब ठेकेदार की गलती बताकर अफसर पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे।
Source: Source