छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके पद से हटाकर अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। यह आदेश समझौते के तुरंत बाद जारी किया गया था, हालांकि इसे बाद में सार्वजनिक किया गया। तुषार मानिक ने भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इस घटना के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए थे। अधिकारियों की मांग विधायक की गिरफ्तारी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की थी। बाद में विधायक समर्थक दो आरोपियों के आत्मसमर्पण के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। प्रशासन और राजस्व अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद काम पर लौटने का निर्णय लिया गया। गुरुवार से सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी अपनी ड्यूटी पर वापस आ गए हैं। हड़ताल समाप्त होने के बाद तहसीलों में कामकाज सामान्य हो गया और लोगों की भीड़ भी देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार, एसडीएम फागेश सिन्हा को भी हटाया जा सकता है और इस संबंध में आदेश जल्द जारी होने की संभावना है। विवाद की शुरुआत 27 मई को हुई कथित मारपीट की घटना से हुई थी। दूसरी ओर विधायक रामकुमार टोप्पो ने नायब तहसीलदार पर अपनी रिश्तेदार से अभद्रता का आरोप लगाया है। मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
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