महाराष्ट्र सरकार ने उल्हासनगर की लंबे समय से लंबित संपत्ति संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2011 से पहले बनी अनधिकृत संपत्तियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस फैसले से लाखों निवासियों और संपत्ति धारकों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए शुल्क में भी बड़ी कमी की है। अब पात्र कब्जाधारकों को स्वामित्व के लिए रेडी रेकनर मूल्य का केवल 5 प्रतिशत भुगतान करना होगा। यह पहले की तुलना में काफी कम माना जा रहा है। नियमितीकरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी। यह टीम विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देगी। संपत्तियों के लिए प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड स्पष्ट होंगे। दशकों पुराने भूमि विवादों और कानूनी जटिलताओं को भी सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नागरिकों को कानूनी सुरक्षा और संपत्ति अधिकार प्रदान करना है। इस पहल से संपत्ति लेनदेन और विकास कार्यों में भी आसानी आने की संभावना है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त होगी और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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