छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सीतापुर विधायक से जुड़े एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामला विधायक की बहन से कथित बदसलूकी और नायब तहसीलदार की पिटाई से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के संगठन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं सीतापुर विधायक ने बयान दिया है कि उन्हें गिरफ्तारी देने में कोई आपत्ति नहीं है और वे खुद कानून के सामने पेश होंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल करने या काम बंद करने की आवश्यकता नहीं है। विधायक का यह भी कहना है कि यदि दबाव न होता तो एफआईआर दर्ज नहीं की जाती। इस मामले ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। अधिकारियों की हड़ताल से सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह विवाद स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
Source: Source