कैंट में लंबे समय से विवादों में रहे बैंक्वेट हॉल सिया वाटिका पर नगर परिषद ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार साहा हरिओम की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। ईओ देवेंद्र नरवाल की देखरेख में जेसीबी, क्रेन और गैस कटर की मदद से लोहे के विशाल फ्रेम को तोड़ा गया। कार्रवाई दोपहर 12 बजे शुरू होकर रात 9 बजे तक चली। संचालक के भाई ने नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया तो अधिकारियों ने आदेश की प्रति भवन की दीवार पर चस्पा कर दी। ईओ के अनुसार, एसडीएम के निर्देश पर बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के निर्माण और आवासीय लीज की जमीन पर व्यावसायिक निर्माण के कारण कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 की धारा 2.2(4) के तहत की गई है। ध्वस्तीकरण में होने वाला पूरा खर्च संचालक से वसूलने की बात कही गई है। संचालक शोभित अग्रवाल ने कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे जबरन किया गया कदम बताया। उन्होंने दावा किया कि कमिश्नर के आदेशों के बावजूद कार्रवाई की गई। वर्ष 2019 में भी सिया वाटिका में कथित अवैध निर्माण को लेकर नगर परिषद कार्रवाई कर चुकी थी। 19 मई 2026 को संचालकों को हरियाणा नगर पालिका अधिनियम की धारा 208 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 9 जून 2026 को नगर परिषद ने पुलिस की मौजूदगी में वाटिका के पांचों गेट सील कर दिए थे। बाद में संचालकों ने 3 लाख रुपए की बैंक गारंटी देकर छह महीने का समय लिया था और सील खुलवाई थी। अगस्त 2026 में तीन संचालकों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद दस्तावेज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष रखे गए, जिसके बाद ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हुए।
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