शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों 22 वर्षीय आशीष अहलावत और 25 वर्षीय दीपक को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज शिमला लाया जाएगा। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक सफेद स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था, जिस पर उन्होंने पहचान छिपाने के लिए फर्जी हिमाचल प्रदेश नंबर प्लेट लगाई थी। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और पुलिस ने उनसे दो पिस्तौलें भी बरामद कर ली हैं। वहीं, इस मामले में मृतका के भाई हिमांक मित्तल का नाम सामने आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी है। हिमांक ने स्पष्ट किया कि उनका इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है और वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन पर खुद एक जून को हमला हुआ था, जिसके कारण वे अभी घायल अवस्था में हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि साजिश के पीछे के असली मकसद का पता लगाया जा सके। यह हत्या पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले के हर तकनीकी और भौतिक साक्ष्य की बारीकी से जांच कर रही है।
Source: Source