शिक्षा ऋण पर लगाए गए दंडात्मक ब्याज की माफी के लिए 900 छात्रों ने आवेदन किया है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने राहत पाने की उम्मीद जताई है। योजना का उद्देश्य योग्य छात्रों को आर्थिक बोझ से राहत देना है। आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी उनकी जांच और सत्यापन करेंगे। पात्र पाए जाने वाले छात्रों को नियमानुसार दंडात्मक ब्याज में छूट दी जा सकती है। इससे शिक्षा ऋण का वित्तीय दबाव कम होने की संभावना है। कई छात्रों ने आर्थिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए आवेदन किया है। अधिकारियों ने सभी आवेदनों की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार पूरी करने की बात कही है। अंतिम निर्णय पात्रता और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद लिया जाएगा। इस पहल से जरूरतमंद छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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