मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विधायक निर्मला सप्रे से जुड़े दलबदल मामले में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने सप्रे की विधायकी रद्द करने की मांग वाली कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला विधायक के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने से जुड़ा हुआ था। याचिकाकर्ता ने दलबदल कानून के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। हाईकोर्ट के इस फैसले से निर्मला सप्रे को बड़ी राहत मिली है। कांग्रेस ने उन पर दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सप्रे के भाजपा में जाने के बाद से ही यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ था। इस निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला दलबदल से संबंधित कानूनी बारीकियों को स्पष्ट करता है। कांग्रेस अब इस मामले में आगे की कानूनी रणनीति पर विचार कर सकती है। राज्य की सियासत में इस फैसले का व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
Source: Source