तमिलनाडु की राजनीति में पिता-पुत्र के रिश्तों और वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा उदयनिधि स्टालिन पर की गई टिप्पणी—’तुम्हारे पिता कहाँ हैं?’—के जवाब में एम.के. स्टालिन ने कड़ा रुख अपनाया है। स्टालिन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विधानसभा में ‘अप्पा’ (पिता) को खोजने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें राज्य के मुद्दों और अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। यह बयान दोनों नेताओं के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। स्टालिन ने इस तंज को राजनीतिक शिष्टाचार के दायरे से बाहर बताते हुए विजय पर निशाना साधा है। राज्य के शीर्ष नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
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