अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। आरोप है कि कंपनी ने अपने विज्ञापन व्यवसाय में विज्ञापनदाताओं को गुमराह किया है। यह जांच मुख्य रूप से अमेज़न के ‘स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग’ और विज्ञापन नीलामी प्रणालियों पर केंद्रित है। नियामक विशेष रूप से ‘रिजर्व प्राइसिंग’ के खुलासे को लेकर चिंतित हैं, जो न्यूनतम विज्ञापन मूल्य निर्धारित करता है। यदि उल्लंघन साबित होता है, तो अमेज़न को अरबों डॉलर के भारी-भरकम नागरिक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल भी शामिल हैं, जिससे कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। FTC इस मामले को इस गर्मियों तक कानूनी मुकदमे या समझौते के जरिए निपटाने पर विचार कर रही है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी अमेज़न को प्राइम सब्सक्रिप्शन से जुड़े भ्रामक प्रथाओं के लिए 2.5 बिलियन डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा था। यह जांच अमेज़न के लिए एक बड़ी नियामक चुनौती बनकर उभरी है। कंपनी के विज्ञापन कारोबार से उसे 2025 में 68.6 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ था। फिलहाल, अमेज़न और FTC ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह मामला कंपनी की प्रतिष्ठा और वित्तीय स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
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