MiraOne ने एक नया ब्लड टेस्ट पेश किया है, जो आनुवांशिक जानकारी और दवाओं के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करता है। इसकी स्थापना निखिल जकातदार और अभिनव केजरीवाल ने की है। कंपनी का दावा है कि ‘वन-साइज-फिट्स-ऑल’ हेल्थकेयर मॉडल अब फीका पड़ रहा है क्योंकि हर व्यक्ति की आनुवांशिक बनावट अलग होती है। यह टेस्ट जटिल डाटा को आम भाषा में बदलकर व्यक्तिगत सुझाव (एक्शनेबल रिकमेंडेशन) देता है। इससे मरीज अपनी सेहत को लेकर बेहतर फैसले ले सकता है और डॉक्टर-मरीज का रिश्ता भी मजबूत होता है। यह पर्सनलाइज्ड मेडिसिन की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब सेहत का इलाज जेनेटिक प्रोफाइल के अनुसार किया जाएगा। यह तकनीक बीमारियों के जोखिम को पहले ही पहचानने में भी मदद करती है।
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