अमृतसर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से वीरवार को विरसा विहार में पंजाब के विभिन्न मुद्दों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ एक विशाल सम्मेलन किया गया। प्रदेश सचिव निर्मल सिंह धालीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के दरियाई पानी की अंतरराष्ट्रीय रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार बंटवारा करने की बजाय पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 68, 69 और 70 का दुरुपयोग कर राज्य के साथ अन्याय कर रही है। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब की सदस्यता समाप्त करने का पार्टी विरोध करती है। धालीवाल ने कहा कि हाल ही में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। बढ़ती लागत के कारण खेती महंगी होती जा रही है और किसान कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। सम्मेलन में वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता अमरजीत सिंह आसल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू करने से मजदूरों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी 30 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित करने तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की। सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर कामरेड जगतार सिंह महलांवाला के पुत्र पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। इसके अलावा आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा पढ़ाने पर लगाई गई रोक का भी विरोध किया गया। वहीं, प्रदेश सचिव बनने के बाद निर्मल सिंह धालीवाल पहली बार अमृतसर पहुंचे, जहां विभिन्न संगठनों और पार्टी नेताओं ने उनका सम्मान किया। शहर की विभिन्न इकाइयों की ओर से हारों के रूप में 51 हजार रुपए की भेंट भी सौंपी गई। सम्मेलन में विरसा विहार सोसायटी के नेता रमेश यादव, प्रगतिशील लेखक संघ के नेता भूपिंदर सिंह संधू, कामरेड दसविंदर कौर, लखबीर सिंह निजामपुर, नरेंद्र बल्ल, बलदेव सिंह वेरका, विजय कपूर छेहर्टा, मंगल सिंह खजाला, शमशेर नाथ, अजमत अटारी, राजेश यादव, सुखदेव सिंह जगदेव कलां, पलविंदर बल्ल, कुलवंत सिंह, राजेश हांडा और आजाद सिंह मेहता, इसके अलावा मिनी ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से बलदेव सिंह बब्बू, ऑटो यूनियन की ओर से तीरथ सिंह कोहाली, कुलवंत राय बावा मौजूद रहे।
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