इज़राइल में एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है, जहां कुछ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लेबनान में सैन्य कार्रवाई रोकने के फैसले पर असंतोष जताया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद लिया गया। ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी बातचीत इस फैसले में अहम रही। हालांकि नेतन्याहू की टीम का कहना है कि इज़राइल की हिज़बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की प्रतिबद्धता बरकरार है। उनका कहना है कि अगर शत्रुता जारी रहती है तो जवाबी कार्रवाई भी जारी रहेगी। इस घटनाक्रम ने इज़राइल की आंतरिक राजनीति में बहस को तेज कर दिया है। कुछ अधिकारियों ने सैन्य रणनीति में बदलाव पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का रुख है कि सुरक्षा प्राथमिकता में कोई समझौता नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे के घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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