पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता व लेखिका मधु किश्वर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि कई बार नोटिस भेजने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुईं। इससे पहले 8 मई 2026 को एसीजेएम की अदालत भी उनकी याचिका खारिज कर चुकी थी। मामला पीएम मोदी से जुड़े एक कथित फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने का है। कोर्ट ने कहा कि बिना पुख्ता सबूत के संवैधानिक पद पर आरोप लगाने से समाज में तनाव फैल सकता है। मधु किश्वर ने दावा किया कि वीडियो संभवतः AI से बना है और असली पोस्ट किसी और ने की थी। उन्होंने जांच एजेंसियों पर चयनात्मक कार्रवाई का भी आरोप लगाया। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि जांच शुरुआती दौर में है और आरोपों को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने जांच एजेंसी को निष्पक्ष जांच का पूरा अवसर देने के पक्ष में फैसला सुनाया।
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