लुधियाना के राणा हॉस्पिटल ने मायोपिया नियंत्रण के लिए ऑर्थो-के लेंस सुविधा शुरू की है। यह मायोपिया के लिए बिना सर्जरी का विकल्प उपलब्ध कराने वाली तकनीक है। ऑर्थो-के लेंस विशेष रूप से डिजाइन किए गए कॉन्टैक्ट लेंस होते हैं। इन्हें आमतौर पर रात में सोते समय पहना जाता है। लेंस आंख की सामने वाली सतह के आकार को धीरे-धीरे बदलकर दिन में स्पष्ट दृष्टि में मदद करते हैं। इसका प्रभाव स्थायी नहीं होता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेंस का नियमित इस्तेमाल जरूरी है। बच्चों और किशोरों में ऑर्थो-के मायोपिया बढ़ने की गति को धीमा करने में मदद कर सकता है। सही मरीजों में यह आंखों के नंबर बढ़ने की रफ्तार को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। बेहतर परिणाम के लिए शुरुआती जांच और नियमित निगरानी जरूरी है। मरीजों को लेंस की सफाई, रखरखाव और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा। इस प्रक्रिया में ऑपरेशन नहीं होता और आंख में कोई स्थायी बदलाव नहीं किया जाता। प्रत्येक मरीज की आंख की जरूरत के अनुसार लेंस को कस्टमाइज किया जाता है। सुरक्षा और प्रभावी परिणाम के लिए नियमित जांच और फॉलोअप आवश्यक है। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डॉ. बृजिंदर सिंह राणा ने आधुनिक नेत्र देखभाल सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।
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