बिहार की सियासत में वीआईपी (VIP) नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता श्याम सुंदर ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के शीर्ष नेतृत्व और लालू प्रसाद यादव के परिवार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने राजद के शासनकाल को ‘जंगलराज’ बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर उस दौर के रक्षकों को आज किससे खतरा महसूस हो रहा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लालू परिवार के सदस्यों को मिली वीआईपी सुरक्षा के नाम पर जनता के टैक्स का पैसा सरेआम बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करने और फिजूलखर्ची पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। श्याम सुंदर का कहना है कि जो नेता खुद को जनता का सेवक बताते हैं, उन्हें आम लोगों के बीच जाने के लिए इतनी भारी-भरकम सुरक्षा की क्या आवश्यकता है। इस बयान के बाद राजद और विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है और इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया जा रहा है। राजद समर्थकों का तर्क है कि लालू परिवार को सुरक्षा उनकी लोकप्रियता और संभावित खतरों के आकलन के आधार पर ही मुहैया कराई गई है। बहरहाल, बिहार की राजनीति में सुरक्षा के नाम पर होने वाले इस खर्च को लेकर अब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो चुकी है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों ही दल एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। जनता की गाढ़ी कमाई के सही इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर भी आम लोगों द्वारा इस वीआईपी सुरक्षा तंत्र पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
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