लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद जांच तेज कर दी गई है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। जांच में सामने आया है कि संबंधित इमारत को वर्ष 2016 में गिराने का आदेश प्रस्तावित था, लेकिन बाद में वह आदेश वापस ले लिया गया था। इस फैसले को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में भवन की अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी लापरवाही की जांच हो रही है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है। मामले की गहन जांच जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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