बिलासपुर हाई कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। मामला इंस्टाग्राम रील बनाने और उस पर अभद्र कमेंट्स से शुरू हुए विवाद से जुड़ा था। विवाद के बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों की जांच की। कोर्ट ने पाया कि आरोपों में ससुराल पक्ष के प्रत्येक सदस्य की स्पष्ट और विशिष्ट भूमिका सामने नहीं आती है। अदालत ने कहा कि केवल पारिवारिक संबंध के आधार पर सभी सदस्यों को आपराधिक मामले में आरोपी नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने बिना ठोस आधार के पूरे ससुराल पक्ष को मामले में घसीटने को कानून के दुरुपयोग के रूप में माना। हाई कोर्ट ने इस आधार पर संबंधित एफआईआर को खारिज कर दिया। अदालत के फैसले से स्पष्ट है कि आपराधिक आरोपों के लिए ठोस और व्यक्तिगत भूमिका का उल्लेख जरूरी है। फैसले में कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग से बचने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
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