छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने रायपुर में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि वे कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविरों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी पार्टी और सरकार के भीतर चल रही आपसी खींचतान पर ध्यान केंद्रित करें। पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपनी 135 साल पुरानी विरासत को आगे बढ़ाते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी और करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले को अत्यंत गंभीर बताया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े जमीन खरीद मामले में भी जांच की वकालत की और भाजपा पर नैतिकता के दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने लोकतंत्र में पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा को जनविरोधी नीतियों और भ्रष्टाचार के सवालों का जवाब देना चाहिए।
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