ओडिशा सीमा से लगे रायगढ़ जिले में नशीले इंजेक्शन की तस्करी ने एक गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। 67 रुपये की कीमत वाली दर्द निवारक दवाएं (ब्यूटोरफेनॉल और पेंटाजोसिन) स्थानीय वेंडर्स द्वारा 700 रुपये तक में बेची जा रही हैं। नशे की लत में डूबे 16 से 26 वर्ष के युवा एक ही सिरिंज को बार-बार साझा कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 135 युवाओं के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। यह नशा युवाओं को चोरी और छिनतई जैसे अपराधों की ओर भी धकेल रहा है। भास्कर द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में इस तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो ओडिशा के झारसुगुड़ा और बरगढ़ से दवाओं की सप्लाई कर रहा है। रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा है कि पुलिस अवैध नशा तस्करी और बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाएं बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने आम जनता और युवाओं से इस जानलेवा नशे से दूर रहने की अपील की है।
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