चंडीगढ़ के श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकीदास की हत्या के मामले में पुलिस इंटेलिजेंस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने मई से ही रेकी शुरू कर दी थी और कत्ल से पहले 4 दिनों तक शहर के दो होटलों में ठहरे थे। वारदात के बाद भी हत्यारे करीब 50 मिनट तक चंडीगढ़ में ही मौजूद रहे, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम रही। इस मामले में नाकेबंदी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में एक एसआई और चार महिला कांस्टेबलों सहित 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। हमलावरों ने हत्या में इस्तेमाल जिगाना पिस्टल को सेक्टर-43 के जंगलों में छिपाकर उसका वीडियो गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को भेजा था, जिसे पुलिस के पहुंचने से पहले ही ढिल्लों के गुर्गे उठा ले गए। मुख्य आरोपियों को बाद में जम्मू से गिरफ्तार किया गया है। गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए लॉरेंस बिश्नोई के मददगारों को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।
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