राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया के लिए अब अपार आईडी अनिवार्य कर दी गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने वाले सभी छात्रों को यह पहचान संख्या प्राप्त करनी होगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से एकीकृत करना है। अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। इससे प्रवेश और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी बनने की उम्मीद है। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेश के दौरान अपार आईडी की जांच सुनिश्चित करें। जिन छात्रों के पास यह आईडी नहीं है, उन्हें पहले पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे डेटा प्रबंधन और अकादमिक ट्रैकिंग में सुधार होगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के डिजिटल शिक्षा लक्ष्यों के अनुरूप मानी जा रही है। छात्रों और अभिभावकों को समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।
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