राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में गहमागहमी तेज हो गई है। दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने के कारण चुनाव दिलचस्प हो गया है, जहां इंडिया और एनडीए गठबंधन के सामने अपने विधायकों के ‘कुनबे’ को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती है। गठबंधन की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ विस्तृत चर्चा की है। इस रणनीति के तहत, गठबंधन सरकार को समर्थन दे रहे सभी 56 विधायकों को 16 और 17 जून को मुख्यमंत्री आवास पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और किसी भी तरह की क्रॉस-वोटिंग की संभावना को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। यह चुनाव न केवल सीटों के लिहाज से, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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