केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना (Yamuna Rejuvenation Project) की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में यमुना को प्रदूषणमुक्त और निर्मल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों (दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश) को एकजुट होकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्री ने परियोजना में तेजी लाने और समयबद्ध परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रत्येक 20 दिन में कार्य प्रगति की समीक्षा करने का आदेश दिया है।
**बैठक के मुख्य बिंदु:**
* **समयबद्ध समीक्षा:** यमुना सफाई से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स की विस्तृत कार्ययोजना और निष्पादन तिथि तय की जाएगी, और हर 20 दिन में इनकी प्रगति की मॉनिटरिंग होगी।
* **बुनियादी ढांचा:** वर्तमान में तीनों राज्यों में 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) कार्यरत हैं। अतिरिक्त क्षमता बढ़ाने के लिए 2027 के अंत तक 59 नए STP बनाए जाएंगे।
* **डेयरी कचरा प्रबंधन:** नदी में डेयरी का कचरा गिरने से रोकने के लिए एमसीडी और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके तहत कचरे को बायोगैस और जैविक खाद में बदला जाएगा।
* **गाद (Silt) की सफाई:** नालों की सफाई के लिए लक्षित 2.857 मिलियन मीट्रिक टन गाद में से 97% पहले ही निकाली जा चुकी है, शेष कार्य 15 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निकाली गई गाद का उपयोग निर्माण कार्यों में करने को कहा गया है ताकि वह वापस नदी में न जाए।
* **वैज्ञानिक निगरानी:** पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए BOD (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड), COD (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और TSS जैसे मापदंडों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
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