मोगा के सरकारी अस्पताल में शव रखने को लेकर पुलिस कर्मचारियों और ड्यूटी डॉक्टर के बीच विवाद हो गया। थाना सिटी-1 के दो पुलिस कर्मचारी एक शव लेकर अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर एकम ने बताया कि मोर्चरी के फ्रिज खराब हैं और फिलहाल शव रखने की जगह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने शव को फरीदकोट मेडिकल कॉलेज या सिंघावाला की मोर्चरी में ले जाने की सलाह दी। पुलिस कर्मचारियों ने इस सुझाव पर सहमति नहीं जताई और दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। डॉक्टर का आरोप है कि पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चरी खोलकर स्थिति देखने के बाद भी खराब फ्रिज में शव रख दिया। विरोध करने पर डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन में हलचल बढ़ गई। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार मोर्चरी में कुल आठ शव रखने की क्षमता है, लेकिन एक फ्रिज खराब होने से क्षमता घटकर चार शवों की रह गई है। उपलब्ध चारों स्थान पहले से भरे होने के बावजूद खराब फ्रिज में शव रखने का आरोप है। मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद शव को वहां से हटाकर दूसरी मोर्चरी में भेज दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
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